नई दिल्ली, दिसम्बर 2 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। संचार साथी ऐप को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह ऐप पूरी तरह लोकतांत्रिक, स्वैच्छिक और ग्राहक-केंद्रित है। मंगलवार को केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार इस ऐप को सक्रिय कर सकते हैं और चाहें तो किसी भी समय डिलीट भी कर सकते हैं। उधर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि सरकार पहले आयकर कानून में बदलाव, आरटीआई कानून को कमजोर करने और पेगासस के बाद अब संचार साथी ऐप के माध्यम से लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि उपयोगकर्ता किसी भी समय ऐप को हटा सकते हैं और यह तभी सक्रिय होगा जब नागरिक स्वयं...