नई दिल्ली, फरवरी 17 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार ने सैटेलाइट से टोल टैक्स वसूली का सिस्टम सिर्फ ट्रक-बसों (व्यवसायिक वाहनों) पर लागू करने का फैसला किया है। निजिता का अधिकार के चलते कारों (निजी वाहनों) के लिए इसे वैकल्पिक रखा गया है। सरकार अमेरिकी जीपीएस के बजाए स्वदेशी भारतीय नक्षत्र प्रणाली के साथ नेविगेशन (नाविक) उपयोग करने का फैसला किया है। यह सुरक्षा और संप्रभुता को बनाए रखने में कारगार होगा। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत में अधिकांश व्यवसायिक वाहनों में पहले से ही व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटी) डिवाइस लगे हुए हैं। सैटेलाइट ट्रैकिंग से दूरी के आधार पर टोल लेना आसान होगा। उन्होंने बताया कि निजिता का अधिकार के कारण सैटलाइट टोलिंग फिलहाल निजी वाहनो के लिए अनिवार्य नहीं होगा। आम जनता में यह ...
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