मुंगेर, मई 5 -- मुंगेर, एक संवाददाता। राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा महत्वाकांक्षी एवं बहुप्रचारित बिहार लोहिया स्वच्छता अभियान मुंगेर जिले में अपनी दिशा भटक चुकी है। जिस अभियान का उद्देश्य था गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और कचरा मुक्त बनाना, वह आज केवल बैनर, पोस्टर और सोशल मीडिया प्रचार तक ही सीमित रह गया है। आज जमीन पर इस अभियान की स्थिति बदहाल है। जिले की अधिकांश पंचायतों में घरों से कचरा उठाने की व्यवस्था या तो पूरी तरह बंद हो चुकी है या फिर नाम मात्र की रह गई है। वहीं, अधिकारी मौन साधे हुए हैं। स्वच्छता कर्मियों को नहीं मिला है मानदेय: अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्वच्छता कार्य के लिए नियुक्त सफाईकर्मियों को पिछले कई महीनों से मानदेय तक नहीं मिला है। नाम नहीं छापने की शर्त पर विभिन्न पंचायतों के कई स्वच्छता कर्मियों ने बताया कि, जिले की ...
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