हजारीबाग, दिसम्बर 6 -- पदमा, प्रतिनिधि। पदमा प्रखण्ड एक ग्रामीण क्षेत्र है। यहां रहने वाले हजारों लोग आज भी मजबूरी के कारण सरकारी अस्पताल के जगह निजी क्लिनिक पर उपचार कराना ज्यादा पंसद करते है। इसका मुख्य कारण है पदमा के स्वास्थ्य और उपस्वास्थ केंद्रों पर अव्यवस्था का होना। यहां संचालित स्वास्थ केंद्र और उपस्वास्थ केंद्रों पर डॉक्टरों की भारी कमी है। सरकार जनता की गाढ़ी कमाई से प्रखण्ड के विभिन्न पंचायतो में उपस्वास्थ केंद्र तो बनायी। किंतु उन उपस्वास्थ केंद्रों का आलम यह है कि यहां स्वास्थ्य सेवा मिलना तो दूर की बात है। कुछ केंद्रों का उद्घाटन भी नहीं किया गया है। लाखों की लागत से बना केंद्र जर्जर हो चला है। मुख्यमंत्री रख रखाव से लाखों रुपये मिलने वाली राशि का सदुपयोग नहीं हो रहा है। पदमा स्वास्थ केंद्र में न कोई महिला डॉक्टर है और न ही ...