पटना, अप्रैल 22 -- सरकारी जमीनों के सत्यापन में देरी होने पर इसके लिए दोषी संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) पर कार्रवाई होगी। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किया है। विभाग ने संबंधित जिलों के डीएम को इसकी लगातार मॉनीटरिंग का भी निर्देश दिया है। साथ ही सभी सीओ को निर्देश दिया गया है कि जिला मुख्यालय से भेजे गए पत्रों को पंजी में अलग से इंट्री कर उसका अवलोकन राजस्व कर्मचारी से कराते हुए उनसे हस्ताक्षर भी करा लें। इसका मकसद विकास संबंधी परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराना है। जानकारी के अनुसार अब तक सरकारी जमीनों के सत्यापन के लिए सिर्फ राजस्व कर्मचारी को बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। पिछले दिनों राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा में पाया गया कि सरकारी जमीनों के करीब 26 लाख खेसरा की प्रविष्टि हु...
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