नई दिल्ली, नवम्बर 27 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने एक फिर कहा है कि किसी सरकारी आदेश का बचाव सिर्फ उसमें बताए गए कारणों के आधार पर किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि आदेश में दिए गए कारणों को, बाद में अदालत में दाखिल हलफनामों में बताए गए आधारों से बेहतर नहीं बनाया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुयान और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा है कि 'हालांकि, इस अदालत ने पोस्ट-फैक्टो रैशनलाइजेशन यानी किसी कार्य या निर्णय को करने के बाद उसके लिए तर्कपूर्ण कारण पेश किए जाने के ‌तरीके के खिलाफ चेतावनी दी है, जिसमें अधिकारी फैसला होने के बाद कारणों को पूरक करने या बनाने की कोशिश करते हैं।' पीठ ने कहा है कि इस तरह के बाद के विचार स्वाभाविक रूप से मनमाने कार्यवाही को ठीक नहीं कर सकते। पीठ ने कहा है कि आदेश क...