अररिया, दिसम्बर 23 -- अररिया, निज प्रतिनिधि विगत वर्षों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी हुआ। जिले में अरबों रूपये के अस्पताल भवन बने। खंडहर अस्पताल भवन चकाचक हो गया। इन सरकारी अस्पतालों में जांच का दायरा बढ़ गया। स्टॉफ नर्स की कमी दूर हो रही है। मॉडल सदर अस्पताल भवन बन गया। मगर इन सब के बीच जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी उस हिसाब से दूर नहीं हुई। इस कारण मरीजों को चमचमाती अस्पताल भवनों में अब भी मरीजों को अपेक्षित ईलाज नहीं मिल रहा है। डॉक्टरों की कमी बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने में रोड़ा बन रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर हर साल करोड़ों रूपये खर्च के बाद भी मरीजों को अब भी निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जिला अस्पताल से लेकर एपीएचसी तक डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। आये दिन डॉक्टर के अभाव में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र ...