गंगापार, सितम्बर 29 -- ग्रामीण आजीविका समूह की महिलाओं द्वारा घर में निर्मित जूट के उत्पादों की बाजार में अच्छी खपत और मांग बढ़ने से समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति काफी संतोषप्रद हो रही है। मांडा क्षेत्र के भरारी द्वितीय ग्राम पंचायत के उत्तर प्रदेश ग्रमीण आजीविका समूह की सरोजा, कौशिल्या, गार्गी आदि समूह संचालक महिलाओं ने बताया कि समूह के चलते वे न केवल अपना परिवार चला रही हैं, अपितु सम्मानजनक स्थिति में हैं। इन समूह की महिलाओं का कहना है कि उनके द्वारा निर्मित जूट के उत्पाद जैसे फाइल फोल्डर, क्लीयर बैग, टिफिन बैग, थैला, बोतल बैग, टूलबाक्स आदि की बाजार में काफी खपत और मांग है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह बनाने के लिए सर्वप्रथम आसपास की दस से पंद्रह महिलाएं एकत्रित होकर समूह का निर्माण करती हैं। उसके बाद...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.