नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। जलवायु संकट के इस दौर में स्वच्छ ऊर्जा के हालांकि कई प्रोजेक्ट सुस्त पड़े हुए हैं, लेकिन उम्मीद की हवा समंदर से उठ रही है। एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक आफशोर विंड (समुद्री हवाओं) से पैदा होने वाली ऊर्जा तीन गुना तक बढ़ सकती है। इसकी वजह यह है कि दुनिया के ज्यादातर देश अब इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं तथा वे इसे भविष्य की ऊर्जा मान रहे हैं। अंबर द्वारा गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आज 27 देश आफशोर विंड ऊर्जा पर कार्य कर रहे हैं। इन देशों ने लक्ष्य निर्धारित किए हैं जो 2030 तक 263 गीगावाट आफशोर बिजली उत्पादन से जुड़े हुए हैं। यूरोप के 15 देशों ने 99 गीगावाट, भारत ने 30-37, जापान ने 41, दक्षिण कोरिया, ताइवान और वियतनाम ने मिलकर 41 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य...
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