नई दिल्ली, जून 7 -- भारतीय सेना अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रही है, ताकि वक्त पड़ने पर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। इसी कड़ी में भारतीय नौसेना 18 जून को विशाखापत्तनम के नौसेना डॉकयार्ड में पहले 'एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट' अर्नाला अपने बेड़े में शामिल करेगी। अर्नाला उन 16 छोटे वॉरशिप्स में से एक है, जिन्हें नेवी में कमीशन किया जाना है। इन वॉरशिप्स को समुद्र तटों पर एंटी-सबमरीन लड़ाइयों और छोटे स्तर के समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इन सभी को 12,622 करोड़ रुपए की लागत से भारत में ही तैयार किया गया है। आईएनएस अर्नाला की तैनाती से भारत की तटीय सुरक्षा मजबूत होगी और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। ऐसी है खासियतनौसेना ने कहा कि 1490 टन से अधिक वजन का 77.6 मीटर लंबा ...
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