बरेली, दिसम्बर 29 -- आजाद सहकारी आवास समिति के सचिव ने प्लॉट बेचने में 1.20 करोड़ रुपये का घोटाला कर दिया। बेशकीमती प्लॉट बहुत कम कीमत में बेचे और रकम भी जमा नहीं की। इसको लेकर आवास विकास परिषद की जांच के बाद थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह रिपोर्ट सहकारी अधिकारी दीपक कुमार राना ने दर्ज कराई है। उनका कहना है कि आजाद सहकारी आवास समिति में पारितोष विजेता के सचिव बनाए जाने के बाद राजीव सक्सेना ने वर्ष 2024 में सचिव के रूप में चार बैनामे किए। इनमें पार्क की जमीन के दो हिस्से कर दो बैनामे पारुल गंगवार को किए, जो समिति की सदस्य भी नहीं हैं। ये बैनामे कमेटी के अंतरिम सचिव प्रेमपाल सिंह ने नियमविरुद्ध किए। इन दोनों जमीनों की सरकारी कीमत करीब 84 लाख रुपये से ज्यादा थी, जबकि कागजों में समिति को सिर्फ 51 हजार 500 रुपये मिलना दर्शाया गय...