संतकबीरनगर, नवम्बर 4 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में इस समय रबी के फसलों की बुवाई का समय शुरू हो गया है। सभी फसलों में फास्फेटिक उर्वरकों का प्रयोग होता है। इसमें भी किसान डीएपी को पहली पसंद में रखते हैं। बारिश के बाद किसान डीएपी के लिए समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। मौके पर अधिकांश समितियों पर खाद नहीं हैं। समितियों पर ताले लटक रहे हैं। कुछ समितियों पर खाद है वहां वितरण हो रहा है। लेकिन यहां पर समिति के सदस्यों को ही प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे स्थानों पर डीएपी के साथ एनपीके व अन्य फास्फेटिक उर्वरक है। लेकिन किसान अपनी पहली पसंद डीएपी के लिए परेशान है। हिन्दुस्तान की टीम ने सोमवार को डीएपी के लिए समितियों के पड़ताल कराई तो अधिकांश बंद मिलीं। पौली क्षेत्र में साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद न पहुंचने से किसानों को ख...
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