लखनऊ, अप्रैल 25 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता। पुरानी और आज की पीढ़ी के बीच के अन्तरद्वन्द की कहानी हिचक को शुक्रवार को 17 दिवसीय नाट्य समारोह में मंचित किया गया। इसके अलावा शारदा लाल की लिखी कहानी सच्चाई की जमीन और अलका प्रमोद की रची कहानी बात में लॉजिक है, का भी मंचन किया गया। तीनों कहानियों का नाट्य मंचन संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे महाराज प्रेक्षागृह में संगम बहुगुणा और विकास श्रीवास्तव के निर्देशन में मंचित किया गया। सबसे पहले सुषमा गुप्ता की लिखी कहानी हिचक में एक मां की व्यथा को दिखाया गया कि पुरानी पीढ़ी की युवतियां सभ्य कपड़ों को पहनना और चूल्हा चौके की समझ आने को प्राथर्मिकता देती हैं तो वहीं आज की युवा पीढ़ी अपने भविष्य को घर बार से दूर रखकर उज्जवल बनाने पर बल देती हैं। दूसरी कहानी बात में लॉजिक है एक ऐसी महिला के इर्द गिर्द घू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.