नई दिल्ली, फरवरी 9 -- दिल्ली के द्वारका जिला अदालत ने 7.62 किलो हेरोइन तस्करी के मामले में सजा सुनाते हुए साफ किया है कि नशे का कारोबार समाज के लिए घातक है। विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश मनु गोयल खरब की अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए अब्दुल खालिक नूरजई और गुलाम हजरत मिर्जाले को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर अलग-अलग धाराओं में कुल तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत के मुताबिक, जांच में सामने आया था कि अब्दुल खालिक के पास से 4.02 किलो और गुलाम हजरत के पास से 3.60 किलो हेरोइन बरामद हुई थी, जिसे प्लास्टिक की बोतलों में छिपाकर रखा गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि दोनों दोषियों के कृत्य समाज को गहरी चोट पहुंचाने वाले हैं और उन्हें अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।पांच साल से न्यायिक हिरासत में वहीं, बचा...
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