नई दिल्ली, जून 5 -- समलैंगिक जोड़ों को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। एक मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि भले ही समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता नहीं मिली है लेकिन इसके बाद भी ऐसे जोड़े परिवार बना सकते हैं। परिवार बनाने के लिए शादी करना ही एकमात्र तरीका नहीं है। इसके बिना भी लोग परिवार की तरह रह सकते हैं। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में यह मानने से इनकार कर दिया था कि समलैंगिक जोडों को विवाह करने का मौलिक अधिकार है। हाईकोर्ट की यह टिप्पणी एक समलैंगिक जोड़े के बचाव में की। 25 वर्षीय लेस्बियन महिला को उसके परिवार वालों ने बंद करके रखा था। इस पर उसकी साथी पुलिस से मदद करने की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया जिसके बाद वह हाईकोर्ट पहुंची। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन...
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