देहरादून, जनवरी 21 -- देहरादून। किशनपुर के अर्द्धनारीश्वर मंदिर में चल रही देवी भागवत कथा में बुधवार को कथा व्यास आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि संसार परिवर्तनशील है। सुख के साथ दुःख भी आता है। जन्म है तो मरण भी है। परिवर्तन की गति सूक्ष्म होती है। समीप रहकर नहीं पता चलता। कुछ समय बाद जब मिलते हैं तब पता चलता है कि आप जवानी से बुढापे में परिवर्तित हो गये हैं।

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