नई दिल्ली, जनवरी 9 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो और 12वीं कक्षा तक शत-प्रतिशत नामांकन हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के क्रियान्वयन के पांच वर्ष पूरे होने के बाद वर्ष 2026-27 से देश समग्र शिक्षा के एक नए प्रारूप की ओर अग्रसर होगा। प्रधान ने यहां समग्र शिक्षा 3.0 पर हितधारकों के साथ 'समग्र शिक्षा की पुनर्कल्पना' नामक एक दिवसीय परामर्श बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ सहयोगात्मक विचार-विमर्श के माध्यम से समग्र शिक्षा 3.0 के लिए एक रणनीतिक, परामर्शपूर्ण और कार्यान्वयन योग्य रोडमै...
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