सीवान, अप्रैल 19 -- गुठनी, एक संवाददाता। गुठनी - दरौली की सीमा पर स्थित सिद्ध गुफा योगाश्रम अपने योग कला के लिए आज भी विख्यात है। यहां अष्टांग योग आसन, प्रणाम, यम, नियम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, और समाधि शामिल हैं। चकरी योगाश्रम के महन्थ रघुनाथ दास ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति के महत्व से युवाओं में योग के प्रति रुचि बढ़ती जा रही है। इसके लिए युवा पीढ़ी प्रयागराज, बनारस, बलिया, गोरखपुर, सिवान, छपरा, गोपालगंज, असम, मध्यप्रदेश, मथुरा, काशी, हरिद्वार, से आकर महीनों तक योग का प्रशिक्षण लेते हैं। जिनमे अधिक वे युवा शामिल है। जो शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। और उनका ध्येय योग को शिक्षा में शामिल करना है। इन आसनों का दिया जाता है प्रशिक्षण चकरी योगाश्रम में योग के विभिन्न आसनों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस संबंध में योगाश्रम के महन्थ रघुनाथ द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.