प्रयागराज, फरवरी 9 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में सोमवार को उपन्यासकार रणेंद्र के साथ लेखक-पाठक संवाद का आयोजन किया गया। जिसमें समकालीन समाज, विकास और साहित्य के प्रश्नों पर गंभीर विमर्श किया गया। रणेंद्र ने अपने झारखंड के अनुभवों के आधार पर विकास और जनजातीय जीवन के बीच मौजूद गहरे द्वंद्वों को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने खनन, औद्योगीकरण और बाज़ार-आधारित विकास मॉडल के कारण आदिवासी समाज की संस्कृति, जीवन-प्रणाली और पारंपरिक ज्ञान पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तार से चर्चा की। निदेशक प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह ने संवाद को दिशा देते हुए सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका, सरकारी हस्तक्षेपों के प्रभाव और विकास नीतियों की जमीनी सच्चाइयों पर विचारोत्तेजक प्रश्न उठाए।

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