मिर्जापुर, जनवरी 2 -- लालगंज। क्षेत्र के जयकर स्थित परमहंस आश्रम में गुरुवार को स्वामी भावानंद महाराज ने कहा कि जब तक इंसान अपनी पुरानी गलत सोच और आदतों को बाहर नहीं करेगा तब तक न तो नया विचार आएगा न विकास होगा। स्वामी भावानंद महाराज ने लालच को समाज की गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि यह एक ऐसी पुरानी आदत है जो रिश्तों में दरार और समाज में झगड़े पैदा करती है। लालच से दूरी बनते ही संस्कार जन्म लेते हैं और धर्म व भक्ति के प्रति स्वाभाविक झुकाव बढ़ता है। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सप्तऋषियों के मार्गदर्शन से उन्होंने अपनी पुरानी प्रवृत्तियों का त्याग कर महान ज्ञान परंपरा की नींव रखी।स्वामी ने भोजन के प्रभाव पर भी गंभीरता से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अन्न केवल शरीर नहीं बल्कि मन और प्रवृत्तियों को भी गढ़ता है। अ...