जमुई, नवम्बर 3 -- खैरा। निज संवाददाता वर्ष के 12 महीना में कार्तिक मास का सबसे अधिक महत्व है। कार्तिक मास को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मास की मान्यता केवल आज के समाज में ही नहीं है बल्कि पौराणिक काल से ही सर्वाधिक पवित्र मास माना जाता है। उक्त बातें अयोध्या से पधारी श्रीमद् भागवत कथा वाचिका सुश्री राधिका किशोरी ने चौहानडीह गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं से कही। उन्होंने कहा कि यह मास भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की अराधना के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इस मास में किए गए स्नान दान व्रत और पूजा से अनेकों प्रकार के दोष नष्ट हो जाते हैं। इसी महीने में तुलसी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसलिए लोगों को तामसी भोजन नहीं करना चाहिए। उन्होंने दूसरे प्रसंग में कहा कि त्रेता युग में चक्रवर्ती राजा द...
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