प्रमुख संवादादात, अप्रैल 15 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाहक मोहन भागवत ने मंगलवार को कानपुर के कारवालो नगर स्थित केशव भवन में सामाजिक समरसता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जाति नहीं जिसने देश के उत्थान के दौरान संघर्ष में योगदान न दिया हो। समाज की सभी जातियों ने महापुरुष दिए हैं। भागवत ने कहा कि श्मशान, मंदिर और जलाशय (कुआं, नल, तालाब ) पर हिंदू समाज की सभी जातियों का समान अधिकार है। चिंतन-मंथन बैठक में संघ प्रमुख ने कहा कि समरसता संघ की गतिविधि ही नहीं, स्वयंसेवक का स्वभाव भी है। 25-30 सालों से एक साथ काम करने वाले संघ कार्यकर्ता एक-दूसरे की जाति तक नहीं जानते हैं। यह संघ की विशेषता है। स्वयंसेवक अपने कार्य और स्वभाव के जरिए इस तरह की मानसिकता का संपूर्ण समाज के लिए निर्माण करते हैं। संघ प्रमुख ने कहा कि समरसता स्वयंसेवक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.