मुरादाबाद, दिसम्बर 2 -- मुरादाबाद। सूर्य नगर लाइनपार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास व्यास कृष्ण कांत शास्त्री ने कथा श्रीमद्भागवत कथा सभी ग्रंथों का सार है। इसके सात दिलन तक लगातार श्रवण करने अथवा कराने से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। मगर का के श्रवण करने का अवसर बड़े सौभाग्य से प्राप्त होता है। इसके लिए सत्गुरु का होना जरूरी है और सत्गुरु जन्म जन्मांतर तक सत्कर्म करने पड़ते हैं। सांसारिक भौतिक बाद , मोह माया का त्याग कर करना पड़ता है। व्यवस्था में रचना शर्मा,सुमन शर्मा, शुक्लानी, सीनू,राधा रानी, मनोज बाला, लक्ष्मी, मीना, आशा, कुंती आदि रहीं।
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