बिजनौर, फरवरी 16 -- फाल्गुन मास की 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व क्षेत्र में धूमधाम के साथ बनाया जा रहा है। यहां ग्राम गंगाधरपुर में प्राकृतिक शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था और कावड़ियों के जल अभिषेक का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। लगभग 200 वर्ष पुरानी इस शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि यहां पहले कभी झारखंडी का बाग हुआ करता था। जिसमें नाग और नागिन का जोड़ा रहता था। वही एक दिन खुदाई करते समय प्राकृतिक शिवलिंग निकला। उसके बाद क्षेत्र के लोगों ने वहां शिव मंदिर की स्थापना की धीरे-धीरे शिव मंदिर विकसित होता गया। इस शिव मंदिर पर हरिद्वार से कावड़ लेकर गंगाजल चढ़ाने वाले कावड़ियों का रात के 12:00 बजे से ही ताँता लगा रहा। मंदिर पर मेला लगा। इसके अलावा स्योहारा क्षेत्र में शिव मंदिर, महालक्ष्मी नारायण मंदिर, जाली वाला मंदिर, शुगर मिल स्थित शिव म...
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