नई दिल्ली, जनवरी 19 -- 'वही होगा जो किस्मत में लिखा है' या 'किस्मत से बढ़कर किसी को कुछ नहीं मिलता', ये बातें आपने कभी ना कभी सुनी होंगी या हो सकता है कही भी हों। ये डिबेट हमेशा से चलती आई है कि क्या वाकई किस्मत जैसी कोई चीज होती है। और अगर हां, तो क्या सबकुछ पहले से ही तय है? फिर तो कुछ करने का फायदा ही नहीं, क्योंकि जब सब पहले से ही लिखा जा चुका है तो हम कर भी क्या सकते हैं। ऐसे तमाम सवाल अक्सर दिमाग में आते रहते हैं और इनका कोई जवाब भी नहीं मिलता। हाल ही में प्रेमानंद जी महाराज ने अपने एक सत्संग में इस सवाल का जवाब दिया है। आइए जानते हैं उनका इसपर क्या मानना है।क्या सब कुछ भाग्य में लिखा होता है? प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि ऐसा मानना बिल्कुल सही नहीं है कि सब कुछ आपके भाग्य में पहले से ही लिखा हुआ है। हां कुछ चीजें पहले से तय होती...