बरेली, नवम्बर 30 -- बरेली। तीन पुत्रों समेत पिता के दामन पर लगा एससीएसटी एक्ट के आरोप का दाग 14 साल बाद विशेष कोर्ट से धुल गया। ठोस सबूतों के आभाव में विशेष कोर्ट ने आरोपी मिढ़ई लाल उसके बेटे सुरजीत, राजीव और संजीव को बलवा और एससीएसटी एक्ट से दोषमुक्त कर बरी कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्यामदास शर्मा ने बताया कि आईवीआरआई कर्मी की पत्नी ने डीआईजी के आदेश से थाना इज्जतनगर में एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 24 अप्रैल 2011 को वह अपने पति के साथ खेत पर गेहूं निकालने को इकट्ठे कर रही थी। पड़ोस के खेत में इटौआ बेनीराम निवासी मिढ़ई लाल, उसके बेटे सुरजीत, राजीव और संजीव अपनी मशीन से गेहूं निकाल रहे थे। आरोप है कि दलित महिला ने अपने गेहूं निकालने को कहा तो सुरजीत, राजीव और संजीव ने जातिसूचक गालिया देकर अपनी मशीन से गेहूं निकालने...