नई दिल्ली, जनवरी 7 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। द्वारका जिला अदालत ने वर्ष 1999 के हत्या मामले में 26 साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपक वासन की अदालत ने पप्पू यादव और सकिंदर कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 174ए और 34 के तहत लगाए गए आरोपों से मुक्त करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। यह मामला अक्तूबर 1999 का है, जब उत्तम नगर के पास मटियाला इलाके में एक बंद गोदाम से अत्यधिक सड़ी-गली लाश बरामद हुई थी। मृतक की पहचान राम स्वरूप के रूप में हुई थी। अभियोजन का दावा था कि राम स्वरूप की हत्या पप्पू यादव द्वारा संचालित कथित प्लास्टिक रीसाइक्लिंग यूनिट में की गई। मृतक के भाई चंदू यादव ने शिकायत में बताया था कि राम स्व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.