बेगुसराय, मई 2 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में जाति गणना कराने का फैसला ऐतिहासिक है। वर्ष 1994 में वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही यह मुद्दा उठाया था। लेकिन, कांग्रेस की सरकार ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। लालू प्रसाद पिछड़ी जाति के आधार पर सत्ता तो चाहते हैं। लेकिन, उनके उत्थान के लिए कभी कुछ नहीं किया। जाति गणना भारत के समग्र व समेकित विकास में मील का पत्थर साबित होगा। ये बातें जदयू के प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार ने शुक्रवार को स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि इसे चुनावी एजेंडे के रूप में देखना गलत है। इसे देश के विकास के मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस व राजद को झूठ बोलने वाली पार्टी कहा। कहा कि जाति गणना के सवाल पर ये दोनों पार्टियां ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.