लखनऊ, अप्रैल 14 -- नगर निगम सदन की मंगलवार को होने वाली बैठक में हंगामे के आसार हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर मुहर लगाने के लिए बुलाई गई बैठक में पार्षद निधि को खर्च करने के लिए मदों की बाध्यता और निजी कंपनी को सड़कों की सफाई को लेकर दिए गए ठेके की शर्तों में फिर बदलाव से पार्षदों में रोष है। जलकल विभाग की कार्यप्रणाली से भी उनमें नाराजगी है। नगर निगम के बजट पर सहमति बनाने के लिए 24 मार्च को हुई कार्यकारिणी की बैठक में पार्षद निधि को 1.5 करोड़ से बढ़ाकर 2.10 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ था। बढ़े 60 लाख रुपये से वार्ड के लिए चूना, हत्थठेलिया, कूड़ा उठाने के लिए ई रिक्शा, मृत शरीर रखने के लिए डीप फ्रीजर आदि की खरीद करने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन, उक्त चीजों को इस धनराशि से खरीदने की बाध्यता नहीं थी। प्रस्ताव पास हु...
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