बस्ती, जनवरी 6 -- बस्ती। एक कुशल अधिवक्ता बनने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वरिष्ठों (गुरुओं) का सानिध्य और निरंतर स्वाध्याय अनिवार्य है। यह विचार जिला जज समसुल हक ने सिविल बार एसो. के पुस्तकालय के सौंदर्यीकरण के बाद आयोजित उद्घाटन समारोह और नववर्ष मिलन कार्यक्रम में व्यक्त किए। जिला जज ने कहा कि जो बातें हम पढ़कर लंबे समय में सीखते हैं, उन्हें अनुभवी गुरुओं के अनुसरण से आसानी से सीखा जा सकता है। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि वे वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा उद्धृत कानूनी बिंदुओं को नोट कर लिया करते थे, जो उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुए। उन्होंने जोर दिया कि आज के डिजिटल युग में भले ही सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है, लेकिन ज्ञान की विशुद्धता के लिए पुस्तकों का अध्ययन ही सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। कार...
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