चम्पावत, नवम्बर 2 -- लोहाघाटउत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने बैठक कर सत्तादलों को राज्य की मूल अवधारणा से भटकने का आरोप लगाया। इस दौरान वक्ताओं ने पहाड़ की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और प्रभारी नीति की जरुरत बताई। रविवार को प्रमुख राज्य आंदोलनकारी नवीन मुरारी की अध्यक्षता और सुरेंद्र बोहरा के संचालन में बैठक हुई। जिसमें राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष मना रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अवधारणा से राज्य का गठन किया गया है। उसे पूरी तरह से भुला दिया गया है। विकास की बाते सिर्फ भाषणों तक सीमित है। उत्तराखंड के पहाड़ों में कभी आजिविका का आधार रही कृषि का दायरा लगातार सिमट रहा है। युवा पीढ़ी के पलायन, वन्य जीवों के उत्पात और कम उपज से खेतों को वीरान कर दिया है। राज्य बनने से पहले पहाड़ आबाद थे, जो अब विरान हो रहे हैं, जब...
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