देहरादून, अक्टूबर 5 -- देहरादून। सकल दिगम्बर जैन समाज, 31 वां श्री पुष्प वर्षा योग समिति के संयोजन में चातुर्मास के चौथे महीने में आचार्य सौरभ सागर महामुनिराज रविवार को क्लेमेनटाउन में श्री पारसनाथ पद्मावती तीर्थ धाम मंदिर में प्रवास पर रहे। अपने प्रवास में अनुयायियों को प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि जब इंसान के मन में बाहर का शोर हो तो सच की आवाज सुन नहीं पाता है। सभी लोग खुद को गृहस्थ जीवन से बंधा मानते हैं। ऐसी बातें करते हैं कि गृहस्थ जीवन कारागृह के समान है, बीवी बेड़ियों के समान है। यदि ऐसा है तो गृहस्थ जीवन छोड़ने के लिए भीतर का साहस चाहिए। सन्यास इतना सरल नहीं कि आसानी से गुरु का दर्शन मिल जाए। उसे हकीकत में बदलने के लिए समग्र त्याग और वैराग्य की आवश्यकता पड़ती है।
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