देवघर, फरवरी 6 -- मधुपुर,प्रतिनिधि। स्थानीय मीना बाजार नापितपाड़ा में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा में बनारस के आचार्य रामानुज शरण ने ध्रुव चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, सागर चरित्र, सूर्यवंश चंद्रवंश के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा श्रवण कराया । जिसमें ध्रुव चरित्र के माध्यम से यह बताया की मां बालकों के प्रथम गुरु होती हैं, मां जिस सांचे में बालकों को ढालेंगीं बालक उस सांचे में ढलेंगें। पांच वर्ष का नन्हा बालक ध्रुव माता सुनीति के वचनों का अनुसरण कर भगवान के परम पद को प्राप्त किया। वहीं अजामिल उपाख्यान में बताया मानव जीवन में कितने भी पाप कर ले दुराचार कर ले पर किसी श्रेष्ठ सद्गुरु संत के सानिध्य में जाकर उनके वचनाश्रित होकर यदि उनके बताए गए मार्ग पर चलता है, तो काल ही क्या साक्षात यमराज भी कुछ न...
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