गोरखपुर, मई 18 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। गोरखपुर ऐतिहासिक शहर के साथ-साथ विरासत और संस्कृति का जीवंत दस्तावेज भी है। शहर के संग्रहालय केवल स्थानीय धरोहर को ही नहीं, बल्कि वैश्विक महत्व की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को भी संजोए हुए हैं। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, रेल म्यूजियम सहित अन्य संग्रहालय इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। बौद्ध संग्रहालय लोगों को सदियों का सफर कुछ ही मिनटों में कराने की क्षमता रखता है, वहीं बच्चों को खेल-खेल में बहुत कुछ सीखने के लिए भी उपलब्ध कराता है। परिसर में लगाए गए तरह-तरह के औषधि गुण वाले पौधे भी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। यहां पर संरक्षित वस्तुओं की जड़े बाहरी देशों से जुड़ी हुई हैं। चार से छह हो गईं वीथिकाएं राजकीय बौद्ध संग्रहालय में पहले चार वीथिकाएं थीं, लेकिन सुंदरीकरण के बाद इनकी संख्या बढ़कर अ...
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