भदोही, फरवरी 10 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। सुरियावां ब्लॉक क्षेत्र के बलिभद्रपुर में चल रहे शिवपुराण में सोमवार को प्रमोद शास्त्री जी महराज ने भक्तों को कथा का रसपान कराया। कहा कि भगवान शिव ने गृहपति, नंदी, काल भैरव, दुर्वासा, यक्ष, किरण आदि अनेक अवतार लिए लेकिन यह अवतार अंशावतार है। जबकि हनुमत अवतार ही शिव जी का पूर्णावतार है। प्रभु श्रीराम की आज्ञा पर वीर हनुमान हर कार्य को आसानी से कर देते थे। शिवपुराण में लंकादहन, हनुमान जी का युद्ध कौशल, अहिरावण का संहार आदि कथाएं बहुत ही रोमांचक रहा। भगवान शिव के द्वादश ज्योतर्लिगिंों के प्राकट्य की कथा के साथ कथा को वश्रिाम देते हुए सुप्रसद्धि कथावाचक पं प्रमोद शास्त्री जी ने कहा कि द्वादश ज्योतर्लिगिंों में से किसी एक भी लिंग का दर्शन-पूजन मोक्षदायक है और यदि बारहों का दर्शन हो जाए तो यह शिवकृपा मानी...
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