लातेहार, नवम्बर 6 -- लातेहार,प्रतिनिधि। जिले में ब्लड बैंक को खून उपलब्ध कराने की व्यवस्था अब नई चुनौती से जूझ रही है। सरकार द्वारा 'खून के बदले खून' (रिप्लेसमेंट डोनेशन) प्रणाली को समाप्त करने के बाद सदर अस्पताल में रक्त की किल्लत गहरा गई है। पहले अस्पतालों में भर्ती मरीज के परिजनों से उतनी यूनिट खून लाने का प्रावधान था, जितने की मरीज को जरूरत पड़ती थी। इसी से यहां करीब 70 फीसदी रक्त की जरूरत पूरी हो जाती थी। अब सरकार का आदेश है कि परिजनों से ब्लड लेने के बजाय ब्लड बैंक शिविर लगाकर रक्त संग्रह करें। जिले में सबसे अधिक रक्तदान शिविर साल में केवल तीन महीने ही लगाए जाते हैं। शेष महीनों में कैंप बेहद कम हो जाते हैं, जिससे ब्लड बैंक में यूनिट की संख्या तेजी से घट जाती है। स्थिति यह है कि प्रसूता, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे, सड़क हादसे के घायल सम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.