रांची, अक्टूबर 6 -- रांची, संवाददाता। सदर अस्पताल ने चिकित्सा इतिहास में एक और उपलब्धि दर्ज की है। यहां पहली बार बाईं ओर स्थित गॉलब्लैडर पित्त की थैली की पथरी का सफल ऑपरेशन किया गया। यह मामला एक दुर्लभ स्थिति का था, जिसमें शरीर के प्रमुख अंग जैसे हृदय और गॉलब्लैडर अपनी सामान्य जगह से उल्टी दिशा में पाए जाते हैं। यह स्थिति लगभग हर 10,000 से 20,000 मरीजों में से किसी एक में देखने को मिलती है। यह जटिल सर्जरी एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अजीत कुमार के नेतृत्व में की गई। मरीज बी. बाड़ा जो बेड़ो के ईंटा चिंद्ररी गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में मोरहाबादी में निवास करती हैं, पिछले कुछ महीनों से पेट दर्द की समस्या से परेशान थीं। जांच में पाया गया कि उन्हें एक्यूट पेनक्रिएटाइटिस और गॉलब्लैडर में कई स्टोन है। आगे ईको और सीटी स्कैन में स्पष्...
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