सिद्धार्थ, दिसम्बर 21 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। डुमरियागंज‌ कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम के तीसरे दिन शनिवार की रात कथावाचक स्वामी आलोकानंद शास्त्री ने लोगों को संत्सग के जरिये संस्कारी होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सत्संग से ही संस्कार का जन्म होता है। इसलिए हम अधिक से अधिक संत महात्माओं संग सत्संग करें और अपने बच्चों को भी सत्संग में लाने का प्रयास करें। सत्संग में संतो द्वारा बताई गई बातों से ही बच्चों के मन में अच्छे विचार पैदा होंगे। कथावाचक ने कहा कि अच्छा जीवन जीने के लिए संस्कारवान होना बहुत जरूरी है। संस्कार हमारे अंदर तभी आएगा, जब हम संत महात्माओं का संगत करेंगे। संतों की वाणी को अपने अंदर उतारेंगे। तभी हमारे मन को शांति मिलेगी। उन्होंन कहा कि भौतिकवादी जीवन में बच्चे सत्संग से दूर होते जा रहे हैं। ऐसी...