पलामू, सितम्बर 2 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। बाल ब्रह्मचारी अन्नू भैया जी ने कहा कि उत्तम सत्य धर्म का अर्थ है परम सत्य को अपनाना और जीवन में उसके अनुसार आचरण करना, जिसके लिए सत्य वचन बोलना, सत्य को समझना और सत्य के मार्ग पर चलना आवश्यक है। यह जैन धर्म के दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन मनाया जाने वाला पर्व है। सोमवार के अनुष्ठान में मंदिर में अध्यक्ष सरस जैन, सचिव सागर जैन, अमित रारा, आदित्य रारा, पुष्पा कासलीवाल, पारुल विनायक एवं आलोक गंगवाल समेत भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। परम वचन सुनाते हुए अन्नू भैया ने कहा कि उत्तम सत्य धर्म व्यक्ति को सभी प्रकार के झूठ, कपट, भय और लोभ से मुक्त करता है, जिससे उसे मानसिक शांति और आनंद प्राप्त होता है। यह सत्य ही सभी सद्गुणों का आधार है और जीवन को गौरवशाली बनाता है। सत्य बोलने वाला व्यक्ति कभी दुखी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.