सहारनपुर, सितम्बर 1 -- नगर के चारों जैन मंदिरों में चल रहे दशलक्षण महापर्व के पांचवे दिन उत्तम सत्य धर्म की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान आचार्य श्री 108 अरुण सागर महाराज ने बताया कि सत्य हर आत्मा में मौजूद है, लेकिन सत्य की परिपूर्णता ही परमात्मा है। श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा में सुबह के समय श्री जी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन के बाद उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई। पांचवे दिन उत्तम सत्य धर्म पर तत्वार्थ सूत्र विधान के पांचवें अध्याय के 42 अध्र्य चढ़ाए गए। इससे पूर्व श्रीजी की शांतिधारा का सौभाग्य स्वाधाय मंडल को प्राप्त हुआ। आचार्य अरुण सागर महाराज ने बताया कि पांचवा अध्याय हमे ये बताता है कि ये निर्जीव (अजीव) पदार्थ किस प्रकार काम करते हैं और ब्राह्मांड में उनकी क्या भूमिका है। कहा कि जिस प्रकार नहाने से शरीर साफ होता है वैसे...
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