अलीगढ़, दिसम्बर 16 -- (सवालों में अस्पताल) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों का पंजीकरण अब महज कागजी खानापूरी बनकर रह गया है। नियमों के मुताबिक पंजीकरण से पहले डॉक्टरों के दस्तावेजों की गहन जांच, उनकी वास्तविक उपस्थिति और मानकों का सत्यापन अनिवार्य है, लेकिन हकीकत इससे उलट सामने आ रही है। इगलास और बन्नादेवी क्षेत्र में फर्जी डॉक्टर के नाम पर कई मेडिकल सेंटर पंजीकृत कर दिए गए। जांच में सामने आया कि बिना अभिलेखों की पुष्टि और बिना मौके पर डॉक्टर की मौजूदगी देखे ही लाइसेंस जारी कर दिए गए, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। अब भी ऐसे सेंटर संचालित हैं, जिनका सत्यापन नहीं हुआ। इगलास क्षेत्र में एक ही डॉक्टर के फर्जी दस्तावेजों के सहारे चमेली देवी मेमोरियल हॉस्पिटल और मां अंबे अल्ट्रासाउंड सेंटर...