प्रयागराज, नवम्बर 30 -- हिंदी साहित्य भारती की ओर से रविवार को सुलेमसराय स्थित बनवासी आश्रम में संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रविंद्र शुक्ल ने कहा कि सत्यम, शिवम, सुंदरम ही भारत की संस्कृति है। दुनिया में एक केवल धर्म हिंदू है बाकी सब पंथ और उपासना है। राष्ट्रवाद को जीवंत रखने के लिए हिंदू धर्मग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए। हिंदी साहित्य के सशक्त होने से देश विकसित होगा। आचार्य विश्वपति शुक्ल, प्रभाकर त्रिपाठी, दिनेश तिवारी अभय मिश्रा, श्याम कृष्ण पांडेय, अजय कुमार मिश्रा, डॉ. अंबुजा तिवारी, प्रज्ञा पांडेय मौजूद रहे।
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