चंदौली, दिसम्बर 10 -- पीडीडीयू नगर, संवाददाता। क्षेत्र के रौना गांव स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित आदि शक्ति माता गौरी दुर्गा महायज्ञ के पहले दिन बुधवार को कथा वाचक रमेश पाठक ने रामचरितमानस कथा श्रवण कराया। इस दौरान सती के देह त्यागने का प्रसंग सुनाया। कथावाचक ने कहा कि कभी किसी के यहां बिना निमंत्रण के नहीं जाना चाहिए, चाहे वह कितने ही सगे संबंधी क्यों न हो। सती अपने पति भगवान भोलेनाथ की बात अनसुना कर पिता दक्ष के यज्ञ में शामिल होने पहुंच गई। जहां सती को अपने पिता से अपमानित होना पड़ा। पिता ने जब भगवान भोलेनाथ के खिलाफ अपशब्द बोला तो इससे आहत होकर सती ने आत्मदाह कर लिया। सती के आत्मदाह से क्रोधित होकर शिव के गणों ने यज्ञ में उपस्थित लोगों का संहार करना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी जब भोलेनाथ को हुई तो अपनी जटा से एक लट तोड...