नई दिल्ली, जनवरी 29 -- रोहतक, हमारे संवाददाता। सड़क मार्गों पर संकेत चिह्नों की कमी, गड्ढों, अवैध कट या खराब रोशनी के कारण होने वाली किसी भी मौत को प्रशासनिक विफलता माना जाएगा। संबंधित एजेंसियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय होगी। गुरुवार को सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए रोहतक के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने ये दिशा निर्देश जारी किये हैं। लघु सचिवालय में हुई बैठक में उपायुक्त ने सड़क स्वामित्व एजेंसियों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे 15 फरवरी तक सभी चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध करवा लें। कहा कि इन बिंदुओं पर प्रबंधों की कमी के कारण सड़क दुर्घटना में जनहानि होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्घ सख्त कार्रवाई के लिए सरकार को सिफारिश कर दी जायेगी...