समस्तीपुर, जनवरी 30 -- जादी के 78 वर्ष पूरे कर चुका है, विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, लेकिन जिले के सिंघिया प्रखंड का मिल्की राम टोला आज भी बुनियादी सुविधा से वंचित एक पीड़ादायक तस्वीर पेश कर रहा है। यहां के लोगों के लिए सड़क अब भी एक सपना है। इस टोले में लगभग 50 से 60 परिवारों के करीब 500 लोग निवास करते हैं। सभी महादलित समुदाय से आने वाले ये परिवार वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं। सड़क नहीं होने के कारण टोले तक पहुंचने के लिए केवल एक संकरी पगडंडी ही सहारा है। यही पगडंडी बरसात में कीचड़ और पानी में डूब जाती है, तब टोलेवासियों का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग टूट जाता है। तीन से चार महीने तक मानो यहां की जिंदगी थम-सी जाती है। सड़क की अनुपस्थिति सबसे अधिक संकट तब खड़ा करती है, जब किसी को गंभीर बीमारी हो ज...