सीवान, नवम्बर 28 -- सीवान, एक संवाददाता। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सिवान द्वारा आयोजित व्याख्यान सह एकल काव्य-पाठ एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्व प्रसिद्ध भोजपुरी साहित्यकार मनोज भावुक ने शिक्षकों की भूमिका को लेकर प्रेरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि छात्र सिर्फ पढ़ाई से नहीं, शिक्षक के आचरण, व्यवहार और जीवन शैली से भी सीखते हैं। मेरे मुंह की जुबान शिक्षकों ने ही गढ़ी है। सच्चे शिक्षक जीवन की चुनौतियों से लड़ना सिखाते हैं, न कि केवल पेटभरुआ कोर्स पढ़ाते हैं। डायट सीवान द्वारा विश्व स्तर पर सीवान का नाम रोशन करने वाले भोजपुरी आइकॉन मनोज भावुक के सम्मान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर भावुक ने अपने जीवन, साहित्य-सिनेमा और विदेश यात्राओं से जुड़े अनुभव साझा किए।प्राचार्य डॉ. एस....
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