बरेली, अक्टूबर 11 -- बरेली। रामपुर बाग स्थित आनंद आश्रम में श्रीराम कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को व्यास पं. बृजेश पाठक ने दान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दीनहीन समझकर दान करता है, वह सच्चा दानी नहीं होता, बल्कि वह सामने वाले की दीनता और अपने अभिमान को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि सच्चा दानी वही है जो दान लेने वाले के प्रति कृतज्ञता और सम्मान रखता है। भगवान राम और विभीषण संवाद का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि दान देने वाले को नहीं, बल्कि लेने वाले को भी सम्मान देना चाहिए। इस दौरान आनंद आश्रम समिति के मंत्री अनिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, अनिल गुप्ता, मोहन खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।

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