नैनीताल, दिसम्बर 5 -- नैनीताल, संवाददाता। हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले के कांडा तहसील समेत अन्य कई गांवों में अवैध खड़िया खनन से उत्पन्न दरारों के मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के साथ 165 खनन इकाइयों से संबंधित याचिकाओं की एक साथ सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को निर्धारित की है। कोर्ट ने सचिव खनन और अपर सचिव खनन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही रजिस्ट्री विभाग को खड़िया स्टोन क्रेशर मालिक नवीन परिहार के खिलाफ विचाराधीन मुकदमों को भी जनहित याचिका के साथ सूचीबद्ध करने को कहा गया है, ताकि सभी मामलों की एक साथ सुनवाई हो सके। कोर्ट ने पहले स्टॉक वेरिफिकेशन की मूल रिपोर्ट पेश करने को कहा था, लेकिन रिकॉर्ड उपलब्ध न...
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