सीतापुर, नवम्बर 10 -- बहादुरगंज, संवादादाता। रामपुर मथुरा के ग्राम अभनापुर में महेश्वर बजरंगबली मंदिर में चल रही साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन वृंदावन से पधारे कथा व्यास महामंडलेश्वर राघव दास महाराज ने अमृतमय कथा का रसपान कराते हुए कहा कि यह संसार दुखों का सागर है। सुख केवल भगवान की शरण में है। उन्होंने कहा कि लोग इधर-उधर भटकने के बाद भगवान की शरण में जाते हैं जबकि इस संसार में गिरने वाले को कोई उठाने वाला नहीं है। एक परमपिता परमात्मा ही गिरने वाले को उठाता है। जब दुनिया से प्रेम करोगे तो दुनिया आपके व्यवहार के अनुसार मित्र बन जाएगी। जब आप परमपिता परमात्मा से प्रेम करेंगे तो यह दुनिया आपकी हो जाएगी। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा है कि हे अर्जुन जो भी भक्त अपराध करके क्षमा ना चाह करके सजा पाने के लिए तैयार हो जाता है...
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