प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 19 -- शहर का विस्तार हुआ। जिले की आबादी भी बढ़ी। आग की घटनाओं के साथ फायर ब्रिगेड का दायित्व भी बढ़ गया। जबकि जिले में फायर ब्रिगेड के पास आज भी संसाधन का अभाव है। कर्मचारियों की कमी इस बीच कुछ हद तक दूर हुई लेकिन संसाधन की कमी बकरार है। रास्तों के अभाव में कई बार अग्निकांड के स्थान पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है और लपटों में घिरने के बाद पानी खत्म हो जाता है। 24 घंटे आग बुझाने के लिए तत्पर फायर ब्रिगेड कर्मियों का कहना है कि शहर में फायर हाइड्रेंट के साथ गांव में भी हर जगह पानी भरने की व्यवस्था होनी चाहिए। बेल्हा में कहीं भी आग लगने पर भौगोलिक स्थिति के अनुसार शहर सहित आठ स्थानों पर फायर ब्रिगेड यूनिट की स्थापना की गई है। बड़ी घटना होने पर रेस्क्यू के लिए आसपास की भी यूनिट को जिम्मेदारी दी गई है। सदर, पट्टी, रानीगं...
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